प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने “मेयर हाय-हाय” और “नगर आयुक्त मुर्दाबाद” के नारे लगाए
आरा नगर निगम कर्मचारी संघ के बैनर तले सोमवार को 6 सूत्री मांगों को लेकर नगर निगम मुख्यालय के मुख्य गेट पर तालाबंदी की गई और धरना-प्रदर्शन किया गया। धरना के दौरान निगम प्रशासन के खिलाफ कर्मचारियों ने नारेबाजी की।
आरा नगर निगम कर्मचारी संघ के बैनर तले सोमवार को 6 सूत्री मांगों को लेकर नगर निगम मुख्यालय के मुख्य गेट पर तालाबंदी की गई और धरना-प्रदर्शन किया गया। धरना के दौरान निगम प्रशासन के खिलाफ कर्मचारियों ने नारेबाजी की।
वार्ता विफल होने के बाद 15 मई से नगर निगम के सभी कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गये,आंदोलन में झाड़ूदार, ड्रेन कुली, वार्ड जमादार, सुपरवाइजर और चालक समेत कुल 1375 कर्मचारी शामिल हुए। इनमें 45 वार्डों के 725 कर्मचारी और सड़क सफाई कार्य से जुड़े करीब 650 कर्मी शामिल हैं।
आरा नगर निगम के सफाई कर्मी गेट पर पहुंच कर विरोध प्रदर्शन किया और अनिश्चितकालीन हड़ताल को लेकर प्रदर्शन किया। सफाई कर्मियों का नेतृत्व कर्मचारी संघ की अध्यक्ष पुष्पा सिंह कुशवाहा ने किया।
प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने “मेयर हाय-हाय” और “नगर आयुक्त मुर्दाबाद” के नारे लगाए। कर्मचारियों का कहना था कि लंबे समय से उनकी समस्याओं की अनदेखी की जा रही है, जिसके कारण उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।
संघ की अध्यक्ष पुष्पा सिंह कुशवाहा ने बताया कि अपनी लंबित मांगों को लेकर आरा नगर निगम के कर्मचारी हड़ताल पर हैं ।कर्मचारियों के विरोध प्रदर्शन के कारण निगम के दैनिक कार्य पूरी तरह प्रभावित रहे।
कर्मचारी संघ ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि उनकी मांगों पर तत्काल विचार नहीं किया गया, तो आगामी 15 मई से पूरे शहर की व्यवस्था ठप कर अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू किया
निगम प्रशासन को सोमवार को एक दिवसीय अल्टीमेटम के समय 6 सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा गया था, लेकिन अब तक किसी भी मांग पर गंभीर पहल नहीं की गई।
उन्होंने कहा कि पहली मांग 8वीं वेतन अंतर राशि के भुगतान और 7वें वेतनमान को तत्काल लागू करने की है। प्रस्ताव को पूर्व में नगर निगम बोर्ड से स्वीकृति भी मिल चुकी है, बावजूद इसके अब तक इसे लागू नहीं किया गया।
दूसरी मांग NGO कर्मियों को कुशल एवं अति कुशल श्रेणी के अनुरूप वेतनमान का लाभ देने की है। तीसरी मांग स्थायी कर्मचारियों को ACP का लाभ देने की है, जिसे पहले ही बोर्ड की ोर से पारित किया जा चुका है। चौथी मांग NGO कर्मियों को अस्थायी से नियमित करने और केंद्र सरकार की ओर से निर्धारित राशि का भुगतान करने की है।
इसके अलावा कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि निगम प्रशासन की ओर से मनमाने ढंग से कर्मियों को हटाया जाता है। संघ की मांग है कि बिना स्पष्टीकरण और जांच के किसी कर्मचारी को कार्य से नहीं हटाया जाए।
विभागीय बंदी और अवकाश के दिनों में काम लेने पर अतिरिक्त वेतन भुगतान की भी मांग की गई है। धरना में शामिल कर्मचारी बबीता देवी ने कहा कि ठेका प्रथा समाप्त कर कर्मचारियों को स्थायी किया जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि मामूली वेतन में परिवार चलाना मुश्किल हो गया है।
काम पर एक दिन नहीं जाने पर वेतन काट लिया जाता है और विरोध करने पर नौकरी से हटाने की धमकी दी जाती है। आरा से एनबीसी 24 के लिए नेहा गुप्ता की रिपोर्ट।